ट्रेन यात्रियों को अब सफर के दौरान तकिया, चादर और कम्बल अपने साथ ले जाने से आजादी मिलेगी

फरवरी से ट्रेन यात्रियों को ठंड में ठिठुरना नहीं पड़ेगा। सफर के दौरान तकिया, चादर और कम्बल अपने साथ ले जाने के झंझटों से आजादी मिलेगी। रेलवे कोरोना की वजह से एसी कोचों में बंद बेडरोल की सुविधा बहाल करने की तैयारी कर रहा है। यात्रियों को यह बेडरोल ऑन डिमांड मिलेंगे या सभी यात्रियों को दिए जाएंगे, इस पर रेलवे बोर्ड मंथन कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि फरवरी अंत तक यह सुविधा फिर शुरू होगी। रेल से सफर करने वाले यात्री काफी समय से एसी कोच में बेडरोल सर्विस शुरू करने की मांग कर रहे थे।

पिछले वर्ष कोरोना महामारी के चलते रेलवे की ट्रेनें बंद पड़ गईं। अनलॉक के बाद रेलवे ने धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया जो जनवरी 2021 तक पटरी पर आ सका। अभी भी रेलवे में नियमित ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका है लेकिन कड़ाके की ठंड को देखते हुए रेलमंत्रालय ने सभी मुख्यालय से ट्रेनों में बेडरोल की सुविधा बहाल करने के लिए रिव्यू रिपोर्ट मांगी थी। जिस पर मंडलों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट भेज दी है। लिहाजा, यह साफ है कि रेलवे एसी कोच के यात्रियों को मिलने वाले बेडरोल की सुविधा जल्द बहाल करने जा रहा है।

उधर, ठंड को देखते हुए कई रेल अफसरों समेत यात्रियों को इन दिनों एसी कोच में इसकी जरूरत महसूस हो रही है। लेकिन, कोरोना के चलते बेडरोल नहीं दिए जा रहे हैं। रेलवे की लांड्री भी बंद पड़ी है। लांड्री शुरू कर सुविधा बहाल करने में रेलवे को कम से कम 15 दिन का अतिरिक्त समय लगेगा। बेडरोल की डिमांड देखते हुए रेलवे के लिए फिलहाल यह घाटे का सौदा है। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने अलग-अलग मंडलों से डिमांड के मुताबिक नये मॉडल को लाने के लिए प्रतिक्रिया मांगी, जिसे भेजा जा चुका है।

नए मॉडल पर हो सकती है शुरुआत
बेडरोल एसी कोच यात्रियों को मिलते हैं। ट्रेन में यात्रियों की सीट पर इन्हें रखा जाता है। अधिकांश यात्री बेडरोल का इस्तेमाल भी नहीं करते। इतर, अधिकांश यात्री बेडरोल के साथ मिलने वाले चादर और तौलिया अपने साथ ले जाते हैं जिससे रेलवे को लंबी चपत लगती है। रेलवे के सूत्र बताते हैं कि इस सुविधा को ऑन डिमांड करते हुए नए मॉडल पर बेडरोल सर्विस दी जाएगी।

बेडरोल में क्या-क्या होता है
एसी कोच में यात्रियों को बेडरोल में सीट के ऊपर बिछाने और ओढ़ने के लिए दो चादर, एक चेहरा साफ करने वाला तौलिया, एक तकिया कवर और एक कंबल रहता है। इसे एक पैकेट में पैककर रखा जाता है।

कमेटी कर रही रिव्यू
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ अजीत कुमार ने कहा कि एसी ट्रेनों में कोविड-19 को देखते हुए बेडरोल देना अस्थायी रूप से बंद किया गया था। बेडरोल सर्विस पर रिव्यू किया जा रहा है। बोर्ड ने रिव्यू कमेटी बनायी है जो इस पर मंथन कर रही है।

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