चांदनी चौक में रातों रात बनाए गए हनुमान मंदिर को लेकर सियासत शुरू ,भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेता पहुंचकर बजरंग बली की भक्ति दिखाने में जुटे

पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में रातों रात बनाए गए हनुमान मंदिर को लेकर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों ही दलों के नेता यहां पहुंचकर अपने-अपने तरीकों से खुद को सबसे बड़े बजरंग बली के भक्त के रूप में दिखाने में जुट गए हैं। ‘आप’ के एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने शनिवार को चांदनी चौक जाकर इस प्राचीन हनुमान मंदिर में बजरंग बली की पूजा-अर्चना के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ किया।

इस दौरान दुर्गेश पाठक ने कहा कि दुर्गेश पाठक ने कहा कि यह मंदिर बजरंग बली के भक्तों ने बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रार्थना है कि बजरंग बली सबको सद्बुद्धि दें और सबके संकट दूर करें। उन्होंने कहा कि मैं भी बजरंग बली का भक्त हूं, मुझे ज्यादा टेक्निकल चीजें नहीं पता, स्थानीय लोगों और हनुमान भक्तों ने यह मंदिर बनाया है, इसलिए मैं भी आज यहां पूजा करने आया हूं।

पाठक ने कहा कि टेक्निकल चीजें तो भगवान जाने, प्रभु की इच्छा थी तो मंदिर बन गया। उन्होंने कहा कि हम भी भक्त हैं और यहां हमारी श्रद्धा है, हम कोर्ट से भी आग्रह करेंगे कि इस मामले में कोई न कोई बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। यह बहुत पुराना मंदिर है, लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है।

इससे पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी शुक्रवार को मंदिर स्थल पर गए और उन्होंने कहा कि इलाके के हजारों लोगों की आस्था हनुमान मंदिर से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि अब लोग फिर से भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेने लगेंगे और ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ भी यहां शुरू होगा।

चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण की योजना के तहत यहां के पुराने हनुमान मंदिर को गिराने को लेकर भाजपा और ‘आप’ की दिल्ली इकाइयों के बीच जनवरी की शुरुआत में विवाद हो गया था। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि अस्थायी स्टील का ढांचा शुक्रवार तड़के तैयार किया गया है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण का काम कर रहा है। पुलिस ने बताया कि उन्हें शुक्रवार आठ बजे इस ढांचे के तैयार करने के संबंध में जानकारी मिली। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने मंदिर का मुआयना किया और जांच की। पुलिसकर्मी ने बताया कि उन्होंने जब यहां के पुजारी और स्थानीय लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने अस्थायी ढांचा तैयार करने की अनुमति सरकारी एजेंसी से ली थी तो इस पर उनका कहना था कि उन्होंने भगवान हनुमान के आशीर्वाद से ऐसा किया है। किसी भी सरकारी प्राधिकार वाले इलाके में निर्माण से पहले संबंधित प्राधिकारियों की अनुमति की जरूरत होती है।

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