अभिषेक बनर्जी ने कहा- इस तरह के हथकंडों से नहीं डरेंगे

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा रविवार दोपहर को पत्नी को नोटिस थमाए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने पलटवार किया है। बनर्जी ने कहा कि वे इस तरह के हथकंडों से नहीं डरेंगे। सीबीआई ने आज दोपहर दो बजे कोयला चोरी मामले में अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को नोटिस थमाते हुए उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम से चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तापमान एक बार फिर बढ़ सकता है।

पत्नी को नोटिस मिलने के बाद सांसद अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, ”आज दोपहर दो बजे, सीबीआई ने मेरी पत्नी के नाम पर नोटिस दिया है। हमें कानून पर पूरा भरोसा है। हालांकि, यदि उन्हें लगता है कि इस तरह के हथकंडों से हमें डराया जा सकता है तो वे गलत हैं। हम वे नहीं हैं जिसे दबाया जा सके।” बनर्जी ने अपने ट्वीट के साथ सीबीआई के नोटिस की तस्वीर भी शेयर की।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सीबीआई की एक टीम अभिषेक के घर गई थी लेकिन कोई नोटिस नहीं दिया। टीम वापस चली गई। अफसरों ने कहा कि वे फिर आएंगे। यह पता है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनाव से पहले हमें डराने की कोशिश करेगी। हम चिंतित नहीं हैं। टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि यह एक अच्छी तरह से तैयार स्क्रिप्ट का हिस्सा है। पूरे बीजेपी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साध रखा है। अगर सीबीआई मामलों को सुलझाने के लिए काफी उत्सुक है तो फिर वह नारद मामले में बीजेपी नेता मुकुल रॉय या शारदा चिट फंड मामले में शुभेंदु अधकारी को गिरफ्तार क्यों नहीं करती है। दोनों आरोपी हैं।

वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने टीएमसी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में विभिन्न घोटाले में और टीएमसी नेताओं की भागीदारी का पता लगाएगी। पूरे राज्य को पता है कि सत्तारूढ़ दल के नेता कोयला घोटाले में शामिल हैं। सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम जब अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची तो उनकी पत्नी रुजिरा वहां पर मौजूद नहीं थीं। अभिषेक और रुजिरा की शादी साल 2012 में हुई थी और दोनों के दो बच्चे हैं।  पीटीआई के सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की टीम द्वारा अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी से उनके घर ही पूछताछ किए जाने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने मामले में शुक्रवार को नए सिरे से एक और दौर के तलाशी अभियान को अंजाम दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गत नवंबर में चोरी रैकेट के सरगना मांझी उर्फ लाला, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के महाप्रबंधकों-अमित कुमार धर (तत्कालीन कुनुस्तोरिया क्षेत्र और अब पांडवेश्वर क्षेत्र) तथा जयेश चंद्र राय (काजोर क्षेत्र) , ईसीएल के सुरक्षा प्रमुख तन्मय दास, क्षेत्र सुरक्षा निरीक्षक, कुनुस्तोरिया, धनंजय राय और एसएसआई एवं काजोर क्षेत्र के सुरक्षा प्रभारी देबाशीष मुखर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि मांझी उर्फ लाला कुनुस्तोरिया और काजोरा क्षेत्रों में ईसीएल की पट्टे पर दी गईं खदानों से कोयले के अवैध खनन और चोरी में लिप्त है।

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