यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

सवांददाता

यमुना एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार की दोपहर तेज रफ्तार टाटा-407 टेंपो टायर फटने से अनियंत्रित होकर डिवाइडर के दूसरी तरफ जा रही कार से जा टकराया। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। कार सवार एक व्यक्ति को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

मथुरा के डैंपियर नगर निवासी 42 वर्षीय नितिन शर्मा अपनी पत्नी 38 वर्षीय उर्वशी शर्मा, 13 वर्षीय बेटे शुभ शर्मा, मामी 50 वर्षीय ऊषा शर्मा और अपने एक दोस्त कृष्णा नगर निवासी सतीश चौधरी के साथ ब्रेजा कार में सवार होकर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल जा रहे थे। नितिन को अपनी मामी ऊषा शर्मा और दोस्त सतीश चौधरी को किसी डॉक्टर को दिखाना था। शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे उनकी कार जैसे ही जीरो प्वाइंट से 26 किलोमीटर पहले फलेदा अंडरपास के नजदीक पहुंची तो एक्सप्रेसवे की दूसरी साइड से अनियंत्रित होकर अचानक एक टाटा-407 टेंपो से उनकी कार की भिड़ंत हो गई।

टेंपो चालक दिल्ली से प्याज, लहसुन व सब्जियां आदि लेकर आगरा की तरफ जा रहा था। अचानक अगला टायर फटने से टेंपो अनियंत्रित होकर डिवाइडर को फांदते हुए एक्सप्रेसवे की दूसरी लाइन में पहुंच गया था। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार नितिन शर्मा उनकी पत्नी उर्वशी शर्मा, बेटे शुभ शर्मा और मामी ऊषा शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। सतीश चौधरी घायल हो गए। हादसे में टेंपो चालक को मामूली चोटें आईं और वह गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एक्सप्रेसवे के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे शवों को बाहर निकाला और घायल को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

माता-पिता मांग रहे थे सलामती की दुआ, अस्पताल में पड़ी थे शव

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे ने मथुरा के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर नितिन शर्मा का पूरा परिवार खत्म कर दिया। इस हादसे ने बुज़ुर्ग माता-पिता की परवरिश करने वाले उनके नौजवान बेटे-बहू और पोते को उनसे छीन लिया। हादसे की सूचना मिलने पर माता-पिता मथुरा से गाड़ी में सवार होकर ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन नितिन के दोस्त और रिश्तेदार उन्हें यह कहकर ढांढस बंधाते रहे कि उनका बेटा-बहू सब ठीक हैं। उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल के बाहर गाड़ी में बैठे माता-पिता बेटे बहू की सलामती की दुआ मांगते रहे। लेकिन उन्हें नहीं पता था के अंदर उनके बेटे-बहू और पोते की लाश पड़ी है। लेकिन घंटों बाद जब पता चला कि सब कुछ खत्म हो गया तो वह बेसुध हो गए।

बुजुर्ग छैल बिहारी शर्मा और उनकी पत्नी कृष्णा शर्मा बेटे-बहू के हादसे की खबर सुनकर ग्रेटर नोएडा की तरफ दौड़ पड़े। ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल पहुंचे तो नितिन के दोस्त और कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें बाहर गाड़ी में ही बैठे रहने के लिए कहा। उन्हें बताया गया कि नितिन व अन्य सभी लोगों की हालत खराब है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। बुजुर्ग माता-पिता अस्पताल के बाहर गाड़ी में बैठ कर परिवार की सलामती की दुआ करने लगे लेकिन उन्हें नहीं पता था कि सब कुछ खत्म हो गया। किसी की हिम्मत नहीं पड़ रही थी कि बुजुर्ग माता-पिता को यह बता दें कि इस दुनिया में अब उनके बेटा-बहू और इकलौता पोता नहीं रहे हैं। बुजुर्ग माता-पिता थोड़ी थोड़ी देर में अंदर मौजूद लोगों से फोन करके बेटे का हाल-चाल जानने के लिए बैचेन थे। लेकिन कई घंटे बाद जब उन्हें पता चला कि उनका बेटा नितिन बहू उर्वशी और पोता शुभ इस दुनिया में नहीं रहे तब बूढ़े माता-पिता गाड़ी में ही बेसुध हो गए। किसी तरह रिश्तेदारों ने उन्हें समझाया लेकिन उनकी तो दुनिया ही उजड़ गई थी।

श्रवण कुमार की तरह माता-पिता की सेवा करता था नितिन

अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि नितिन श्रवण कुमार की तरह अपने माता-पिता की सेवा करता था। नितिन की पत्नी उर्वशी भी सास ससुर की सेवा करने में पीछे नहीं रहती थी। बताया कि यदि मां बाप को जरा भी तकलीफ होती तो नितिन सीधे उनका इलाज दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में करता था। नितिन का एक और भाई है लेकिन वह अपने परिवार के साथ दूर रहता है।

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